Friday, August 05, 2016

पिता-पुत्र...

जवान बेटा अपने पिता से बोला
पिताजी अब मैं सयाना हो गया हूँ
और व्यापार को नये समय के अनुसार
आपसे बेहतर ढंग से चला सकता हूँ
पिता बोला बेटा व्यापार को चलाने के लिये
सिर्फ़ नई सोच और तरीके ही काफ़ी नहीं
दूसरों के प्रति कृतज्ञता का भाव और
अपने काम के प्रति निष्ठा और प्यार भी जरूरी है
मुझे विश्वास है की तुम ऎसा कर सकोगे

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