Tuesday, September 23, 2008

भरे पेट का ज्ञानयोग...

भरा पेट खाली पेट पर आसन जमाये
पास रखी रोटी को पाने की
असफ़ल कोशिश कर रहे
खाली पेट से कहता है
रोटी तक पहुँचने का
आसान रास्ता न चुनो मित्र
भूख पर विजय ही
हमारे स्वर्णिम भविष्य...
भविष्य शब्द पर अचानक भरा पेट रुका
फ़ुर्ति से रोटी उठाई और बोला
हाँ तो मैं क्या कह रहा था

2 comments:

Udan Tashtari said...

बेहतरीन..सटीक..वाह!

रंजन राजन said...

बिढ़या शब्दिचत्र। बधाई।
www.gustakhimaaph.blogspot.com